अध्यापन के विषय

कला संकाय :

कला संकाय के अंतर्गत विषय संयोजना निम्नवत होगी


१. बी. ए. प्रथम एवं द्वितीय वर्ष हिंदी भाषा एवं अंग्रेजी भाषा में से एक विषय लेना अनिवार्य है

२. अभ्यर्थी अधिकतम दो साहित्यिक विषयों का चयन कर सकता है |

क . अरबी या फ़ारसी में से एक विषय |(यह विषय महाविद्यालय में नहीं है)

ख. संस्कृत या उर्दू में से एक विषय |

ग. अंग्रेजी साहित्य एवं हिंदी साहित्य में से एक अथवा दोनों विषय |


३. छात्र या छात्रा महाविद्यालय में संचालित प्रायोगिक विषय में से किन्ही दो विषय का चयन कर सकता है |

४. छात्र या छात्रा शिक्षाशास्त्र, मनोविज्ञान एवं दर्शनशास्त्र में से एक विषय का चयन कर सकता है |

५. छात्र या छात्रा अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र राजनीती शास्त्र एवं इतिहास विषय में से अधिकतम दो विषय का चयन कर सकता है |

६. अनिवार्य अर्हता विषय पर्यावरण की परीक्षा में प्रथम वर्ष में संस्थागत तथा द्वितीय वर्ष में व्यक्तिगत छात्र ही सम्मिलित होंगे | पर्यावरण विषय में अनुत्तीर्ण छात्रों को ही तृतीय वर्ष की परीक्षा में सम्मिलित किया जायेगा |

नोट :

ध्यात्वय है की महाविद्यालय में गृह विज्ञान एवं शिक्षाशास्त्र विषय में स्ववित्तपोषित योजनान्तर्गत कक्षाएं सत्र २०१५-१६ से प्रारम्भ हो चुकी है | इन विषयों में प्रवेश स्ववित्तपोषित योजना के अंतर्गत ही होगा |

स्नातक स्तर :

बी. कॉम. (स्ववित्तपोषित योजना के अंतर्गत संचालित) – पाठ्यक्रम विश्वविद्यालय के अनुसार |

बी.ए. तृतीय वर्ष :

१. बी.ए.(तृतीय वर्ष) में हिन्दी भाषा या सामा० अंग्रेजी विषय नहीं होंगे |

२. विद्यार्थी को बी० ए० प्रथम व द्वितीय वर्ष में चयनित विषयों में से केवल दो विषयों को चयनित करना होगा |

अन्य अनिवार्य विषय :- (1) शारीरिक शिक्षा
(२) पर्यावरण


ध्यान रहे की इन विषयों के अंक परीक्षाफल में नहीं जुड़ते है किन्तु स्नातक उपाधि हेतु इनमे उत्तीर्ण होना आवश्य्क है |

विशेष नोट :

शिक्षा सेवा क्षेत्र में हिंदी साहित्य के साथ संस्कृत का अथवा दो सामाजिक विषयों का चयन अनिवार्य है |


परास्नातक विषय : राजनीति विज्ञान एवं समाजशास्त्र (वित्तपोषित विषय)

अंग्रेजी, हिंदी, अर्थशास्त्र, भूगोल, उर्दू (स्ववित्तपोषित विषय)