प्रबन्ध तन्त्र

महाविद्यालय के संस्थापिका स्व0 रानी कृष्णा कुमारी कालिज प्रबन्धन आजीवन अध्यक्ष रहीं। 20 सितम्बर, 1979 को उनकी मृत्यु के उपरान्त उनके निकट सम्बन्धी व रिश्तेदार बुडगरा निवासी स्व0 कुँवर महीपाल सिंह जी सुपुत्र स्व0 श्री पृथ्वीराज सिंह 09 दिसम्बर, 2009 तक अपने जीवन पर्यन्त कालिज प्रबन्ध समिति के आजीवन अध्यक्ष रहे।



सौभाग्य से कालिज प्रबन्ध समिति अनुभवी व निष्ठावान महानुभावों के हाथों में है। हमारा सौभाग्य है कि जनपद के वरिष्ठ एवं प्रतिष्ठित वकील, राजनीतिज्ञ, समाज सेवी, साहित्यकार व असाधरण और बेदाग व्यक्तित्व के धनी ठा0 चन्द्रवीर सिंह गहलौत ‘एडवोकेट’ कालिज प्रबन्धन में सचिव/प्रबन्धक पद पर आसीन हैं।



अन्य पदों को सुशोभित करने वाले हमारे माननीय बाबू बलचरन सिंह जी (कार्यवाहक अध्यक्ष/उपाध्यक्ष), श्री नरेन्द्र सिंह एडवोकेट (उप सचिव) व श्री कृष्णपाल सिंह कोषाध्यक्ष हैं।



प्रबन्ध समिति के सम्मानित सदस्य हैं


नाम

नियुक्ति

कुंवर धीरेन्द्र प्रताप सिंह आजीवन अध्यक्ष
ठाकुर चंद्रवीर सिंह गहलौत अधिवक्ता उपाध्यक्ष
श्री प्रशांत कुमार अधिवक्ता सचिव / प्रबंधक
श्री नरेंद्र सिंह अधिवक्ता उपसचिव / उपप्रबंधक
श्री बलकरन सिंह अधिवक्ता कोषाध्यक्ष
श्री रामनारायण सिंह अधिवक्ता सदस्य
श्री भूपेंद्र सिंह उर्फ़ बाटा सदस्य
श्री कृष्णपाल सिंह सदस्य
श्री कुश कुमार सिंह अधिवक्ता सदस्य
श्री विजय कुमार अग्रवाल सदस्य (नामित)
श्री वीरेन्द्र प्रताप सिंह सदस्य (नामित)






आप सभी महानुभव कालिज विकास के लिए प्रतिबद्ध है। अपनी व्यस्तताओं में से समय निकालकर आप निकालकर आप सदैव हमारा मार्गदर्शन करते हैं।


महाविद्यालय एक दृष्टि में

आंकड़े

लगभग 3,000 संस्थागत व लगभग 1500 व्यक्तिगत विद्यार्थियों के लिए महाविद्यालय में अनेक
अध्ययन कक्ष, दो विशाल कक्ष, भूगोल प्रयोगशाला, एक कम्प्यूटर लैब, सुसज्जित पुस्तकालय,
छात्रा कामन रूम तथा एक सुन्दर विशाल प्लेग्राउन्ड कालिज के विशेष आकर्षण हैं।

4500

संस्थागत व व्यक्तिगत विद्यार्थी

55

साल का गर्वित इतिहास

120

अनुभवी अध्यापक